अक़्ल दाढ़ या तीसरी दाढ़ उन दाँतों के नाम हैं जो आखिर में निकलते हैं । हम में से अधिकतर लोगों के चार अक़्ल दाढ़ होती हैं, मुंह के प्रत्येक कोने में एक-एक । ये आमतौर पर किशोरावस्था के अंत में या जवानी में निकलती हैं ।
यह भी सम्भव है कि अक़्ल दाढ़ जबड़ों की हड्डी में अटक जाए या फिर निकले ही नहीं । ऐसा होने पर बाकी दांत धंस या खिसक सकते हैं अथवा नजदीकी दांतों में सड़न या संक्रमण हो सकता है या फिर मसूडों की बीमारी फैल सकती है । जबड़ों में अक़्ल दाढ़ के अटकने का कारण यह हो सकता है कि वे किसी असामान्य अवस्था में हों, जैसे कि कभी-कभी उनका सपाट होना, जिसके कारण वे सामान्य रूप से बाहर नही निकल पाते ।
यदि दांत प्रभावित नही है, तो उसे उसी प्रकार निकाला जाएगा जिस प्रकार अन्य दांत।
तकलीफ को कम करने एवं घाव को भरने के लिएः
अधिक खून बहने, सूजन होने, निरन्तर तीव्र दर्द या बुखार होने की स्थिति में अपने दंत चिकित्सक अथवा फिज़ीशियन से तुरंत संपर्क करें ।
अपने दंतीय पेशेवर द्वारा बताए गये घर पर देखभाल सम्बंधी विशेष निर्देशों का अनुसरण सुनिश्चित करें ।